वीरभद्र आरती
‘वीरभद्र चालीसा’कृष्णशंकर सोनाने व्दारा रचित है। चालीसा में भगवान शंकर के प्रमुख गणों में शामिल श्रीवीरभद्र भगवान का गुणगान किया गया है। चालीसा में संकट मोचन वीरभद्र चतुष्पद,वीरभद्र बाण शामिल किया गया है। वीरभद्र चालीसा के साथ डा कृष्णशंकर सोनाने व्दारा वीरभद्र की आरती,वीरभद्र जयकारा और वीरभद्र कीर्तन की भी रचना की गई है।हालांकि वीरभद्र आरती का रचनाकाल,वीरभद्र चालीसा के रचनाकाल के दो वर्ष का है। वीरभद्र चालीसा का रचनाकाल जनवरी.फरवरी 2005 है।
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