‘वीरभद्र चालीसा’
‘वीरभद्र चालीसा’कृष्णशंकर सोनाने व्दारा रचित है। चालीसा में भगवान शंकर के प्रमुख गणों में शामिल श्रीवीरभद्र भगवान का गुणगान किया गया है। चालीसा में संकट मोचन वीरभद्र चतुष्पद,वीरभद्र बाण शामिल किया गया है। परमप्रभु श्रीकृष्ण के उपासक डा कृष्णशंकर सोनाने को श्रीकृष्ण की अप्रतीम कृपा तथा आदेश से वीरभद्र चालीसा रचने का आदेश प्राप्त हुआ था जिन्ह डा सोनाने ने सहर्ष स्वीकार कर तन्मयता से पूरा कर समाज के समक्ष एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। डा कृष्णशंकर सोनाने वैसे तो वीरशैव लिगायत और वीरगोपाल समाज से सम्बद्ध है किन्तु बाल्यावस्था से श्रीकृष्ण अनुगामी रहे हैं और आज भी है। नेपानगर,जिला बुरहारपुर मध्यप्रदेश,भारत में वीरभद्र भगवान का एक विशाल दर्शनीय मन्दिर है। डा सोनाने अपने धर्म और समाज के प्रति प्रतिबद्ध रचनाकार है।
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